नई टैक्स स्लैब के बाद कारों की कीमतों में गिरावट, ग्राहकों के लिए राहत की खबर
भारत सरकार ने हाल ही में वाहनों पर लगने वाले टैक्स स्लैब में बदलाव की घोषणा की है। इस बदलाव का सीधा असर देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर और ग्राहकों पर पड़ा है। नई टैक्स दरें लागू होने के बाद कई कार कंपनियों ने अपनी गाड़ियों की कीमतों में कटौती कर दी है। यह खबर खासकर उन लोगों के लिए राहत लेकर आई है जो लंबे समय से कार खरीदने का प्लान बना रहे थे। अब पहले से कम दाम पर गाड़ियां खरीदी जा सकती हैं।
टैक्स स्लैब में बदलाव
पहले बड़ी और लग्जरी गाड़ियों पर 40 प्रतिशत तक टैक्स लगाया जाता था, जिससे उनकी कीमतें बहुत ज्यादा हो जाती थीं। नई घोषणा में सरकार ने इस टैक्स को कम करके 30 प्रतिशत तक कर दिया है। वहीं छोटी और मिड-साइज गाड़ियों पर भी टैक्स दरों में कमी की गई है। सरकार का कहना है कि इस फैसले से ऑटोमोबाइल सेक्टर को मजबूती मिलेगी और बाजार में बिक्री बढ़ेगी। साथ ही इससे रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे।
कंपनियों का कदम
नई टैक्स स्लैब लागू होने के तुरंत बाद कई कार कंपनियों ने अपने मॉडल्स की कीमतों में कटौती की घोषणा की। इनमें मारुति सुजुकी, हुंडई, टाटा मोटर्स, महिंद्रा और होंडा जैसी कंपनियां शामिल हैं। कटौती की दर अलग-अलग मॉडल्स पर निर्भर करती है। उदाहरण के लिए, मिड-साइज एसयूवी और सेडान कारों की कीमतों में ₹50,000 से लेकर ₹1.5 लाख तक की गिरावट देखी जा रही है। इससे ग्राहकों को अब पहले से बेहतर विकल्प मिलेंगे।
ग्राहकों को फायदा
कीमतों में कमी का सबसे बड़ा फायदा आम ग्राहकों को होगा। अब लोग अपनी पसंद की गाड़ी कम दाम में खरीद पाएंगे। शादी-ब्याह या त्योहारी सीजन के लिए कार खरीदने वालों को यह खबर सबसे ज्यादा राहत देगी। पहले जहां कई परिवारों का बजट गाड़ियों की ऊंची कीमतों के कारण बिगड़ जाता था, वहीं अब उन्हें अपने बजट के अनुसार सही विकल्प मिल सकता है। इससे कार की बिक्री में भी तेजी आने की उम्मीद है।
ऑटो सेक्टर पर असर
कार कंपनियों के लिए यह बदलाव बाजार में नई जान फूंकने जैसा साबित हो सकता है। पिछले कुछ समय से ऑटोमोबाइल सेक्टर मंदी की मार झेल रहा था। महंगी गाड़ियों और ऊंचे टैक्स रेट की वजह से ग्राहक खरीदारी से पीछे हट रहे थे। लेकिन अब कीमतों में कमी से बिक्री बढ़ सकती है। इससे कंपनियों को उत्पादन बढ़ाना होगा और इसका सीधा असर रोजगार और सप्लाई चेन पर भी पड़ेगा।
📊 नई टैक्स स्लैब से पहले और बाद की कीमतें
| कार का नाम | टैक्स स्लैब (पहले) | टैक्स स्लैब (अब) | कीमत (पहले) | कीमत (अब) | अंतर (₹) |
|---|---|---|---|---|---|
| Maruti Suzuki Swift | 28% | 24% | ₹6,00,000 | ₹5,50,000 | -50,000 |
| Hyundai Creta | 35% | 30% | ₹12,00,000 | ₹11,20,000 | -80,000 |
| Tata Harrier | 40% | 30% | ₹20,00,000 | ₹18,50,000 | -1,50,000 |
| Mahindra Scorpio-N | 38% | 30% | ₹16,00,000 | ₹14,80,000 | -1,20,000 |
| Toyota Fortuner | 40% | 30% | ₹50,00,000 | ₹48,50,000 | -1,50,000 |
| BMW 3 Series | 40% | 30% | ₹70,00,000 | ₹67,00,000 | -3,00,000 |
| Mercedes GLC | 40% | 30% | ₹80,00,000 | ₹76,50,000 | -3,50,000 |
छोटी गाड़ियों पर असर
नई टैक्स स्लैब का असर सिर्फ बड़ी गाड़ियों पर ही नहीं पड़ा बल्कि छोटी गाड़ियों के दामों में भी कमी आई है। जिन गाड़ियों की कीमत पहले ₹6 लाख थी, अब वे लगभग ₹5.5 लाख तक मिल सकती हैं। इस श्रेणी में Alto, WagonR और Swift जैसे मॉडल्स आते हैं। यह बदलाव मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए खासतौर पर राहत लेकर आया है। अब वे आसानी से अपनी पहली कार खरीद सकते हैं।
एसयूवी और लग्जरी गाड़ियाँ
एसयूवी और लग्जरी गाड़ियों की कीमतों में भी उल्लेखनीय कमी आई है। Mahindra Scorpio, Tata Harrier और Toyota Fortuner जैसी गाड़ियों की कीमतें ₹1 लाख से ₹1.5 लाख तक कम हो गई हैं। वहीं BMW, Mercedes और Audi जैसी लग्जरी गाड़ियों पर भी लाखों रुपये तक की कटौती देखने को मिली है। यह बदलाव उन ग्राहकों को आकर्षित करेगा जो लंबे समय से लग्जरी गाड़ी खरीदने का सपना देख रहे थे।
कंपनियों की रणनीति
कार कंपनियां इस मौके का पूरा फायदा उठाने की कोशिश कर रही हैं। कई कंपनियों ने कीमतों में कटौती के साथ नए ऑफर और डिस्काउंट भी देना शुरू कर दिया है। शोरूम्स पर एक्सचेंज बोनस और फाइनेंस स्कीम भी चलाई जा रही हैं। इससे ग्राहकों को और भी ज्यादा सुविधा मिलेगी। कंपनियों का मानना है कि इस रणनीति से बिक्री में तेज़ी आएगी और बाजार में प्रतिस्पर्धा और बढ़ेगी।
अर्थव्यवस्था पर असर
ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री भारतीय अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा है। इस क्षेत्र की वृद्धि से जीडीपी पर भी सकारात्मक असर पड़ता है। कारों की कीमतों में कमी से बिक्री बढ़ेगी और सरकार को टैक्स से होने वाली कमाई भी बढ़ सकती है। इसके अलावा नए रोजगार पैदा होंगे और ऑटो पार्ट्स के निर्माण में भी वृद्धि होगी। इस बदलाव का असर लंबे समय तक अर्थव्यवस्था पर देखा जा सकता है।
आने वाला समय
नई टैक्स स्लैब और कीमतों में कमी ने कार बाजार में उत्साह पैदा कर दिया है। आने वाले महीनों में त्योहारी सीजन के चलते बिक्री और बढ़ने की उम्मीद है। ग्राहक अब पहले से ज्यादा विकल्पों के साथ कम कीमत पर गाड़ी खरीद पाएंगे। कंपनियों के लिए यह मौका होगा कि वे नई तकनीक और बेहतर फीचर्स वाली गाड़ियाँ पेश करें। इस तरह यह बदलाव न सिर्फ ग्राहकों के लिए राहत है बल्कि पूरे ऑटो सेक्टर के लिए नई शुरुआत का संकेत है।
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